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जुलाई, 2025 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

मध्य प्रदेश में 7498 पद सहायक प्राध्यापक के खाली

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 कंटेंट राइटर हेमंत सागर  7498 पद सहायक प्राध्यापक के खाली  मध्य प्रदेश उच्च शिक्षा की हालत खस्ता बताई जा रही है। जहां छात्रों से फीस तो पूरी वसूल कर ली जाती है लेकिन पढ़ने के लिए उच्च शिक्षा विभाग के पास प्रोफेसर नहीं है अतिथि शिक्षकों से कम चलाया जा रहा है आपको बता दें की नॉन एकेडमिक कर्मचारियों की संख्या प्रोफेसर से कई गुना अधिक है और अधिकतर परमानेंट जॉब कर रहे हैं लेकिन वही शिक्षा की बात करें तो उच्च शिक्षा विभाग प्रदेश के कॉलेज में और विश्वविद्यालय में अतिथि शिक्षकों से काम चला रहा है।  उच्च शिक्षा विभाग में 7498 सहायक प्राध्यापक के पद खाली पड़े हुए हैं वहीं 4 015 अतिथि विद्वान इनकी कमी को पूरा कर रहे हैं। यह जानकारी विधानसभा में पूछे गए प्रश्न से निकलकर सामने आई है आपको बता दें कि जौरा विधानसभा से विधायक पंकज उपाध्याय और विधायक संजय उइके ने विधानसभा में प्रश्न लगाकर पूछा था कि प्रदेश के विश्वविद्यालय और महाविद्यालय में सहायक प्राध्यापक के पद कितने खाली पड़े हुए हैं।   विधानसभा में उच्च शिक्षा मंत्री इंद्र परमार ने जवाब देते हुए बताया की 7498 पद सहायक प्राध...

बिहार पुलिस कांस्टेबल में ड्राइवर के पद 4361

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  बिहार पुलिस कांस्टेबल में ड्राइवर के पद 4361  सेंट्रल सिलेक्शन बोर्ड ऑफ कांस्टेबल बिहार पटना  से नया नोटिफिकेशन निकाल कर सामने आया है यहां पर 21 जुलाई से ड्राइवर कांस्टेबल के फॉर्म भरे जाएंगे और 20 अगस्त तक फॉर्म भरने की अंतिम तिथि है।   जो भी छात्र बिहार पुलिस कांस्टेबल की तैयारी कर रहे हैं अगर उनके पास लाइट मोटर व्हीकल या फिर हेवी मोटर व्हीकल ड्राइविंग लाइसेंस है तो वह यहां फॉर्म भर सकते हैं  शैक्षणिक योग्यता और आयु सीमा क्या रहेगी  शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो 12th पास आवेदन फॉर्म भर सकेंगे।  वहीं आयु सीमा की बात करें तो अधिकतम 25 वर्ष और न्यूनतम 20 वर्ष के आवेदक फॉर्म भर सकेंगे। अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के आवेदक 30 वर्ष की उम्र तक फॉर्म भर सकेंगे । एप्लीकेशन फीस क्या रहेगी । एप्लीकेशन फीस की अगर हम बात करें तो 675 रुपए रखी गई है। वहीं महिलाओं के लिए 180 रुपया रखी गई है। अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के उम्मीदवारों को ₹180 फीस देनी होगी।  जो आप डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड, इंटरनेट बैंकिंग या अन्य किसी माध्यम से ऑनलाइन भर सकेंगे...

मध्य प्रदेश में करीब 20000 पदों पर भर्ती ।

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 मध्य प्रदेश में करीब 20000 पदों पर भर्ती । मध्य प्रदेश सरकार ने सरकारी नौकरी भर्ती का खजाना खोल दिया है अभी हाल ही में शिक्षक भर्ती के फॉर्म भरे जा रहे हैं।  शिक्षक भर्ती वर्ग 3 के आवेदन 13089 पदों पर आमंत्रित किए हैं इस भर्ती प्रक्रिया में डिप्लोमा इन एजुकेशन एवं कक्षा 12वीं उत्तीर्ण आवेदक उत्तीर्ण आवेदक फॉर्म भर सकेंगे।  वहीं आवेदक चयन परीक्षा के लिए आवेदन कर सकेंगे जिन्होंने पूर्व में आयोजित पात्रता परीक्षा वर्ग 3 क्वालीफाई किया है। आवेदन शुल्क और सैलरी  आवेदन शुल्क₹500 रखा गया है वही अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति के लिए ₹250 रखा गया है  सैलरी क्या मिलेगी  सैलानी की बात करें तो वेतनमान काफी शानदार है 25300 शुरुआत से ही मिलेंगे।  परीक्षा तिथि  परीक्षा 31 अगस्त से आयोजित की जाएगी कंप्यूटर आधारित परीक्षा रहेगी अर्थात ऑनलाइन एग्जाम देना होगा.  एमपीईएसबी पैरामेडिकल रिक्रूटमेंट  मध्य प्रदेश सरकार ने इस बार पैरामेडिकल रिक्वायरमेंट के आवेदन 752 पद पर आमंत्रित किए हैं जिसमें फार्मासिस्ट के 313 पद ऑपरेशन थियेटर टेक्निशियन के 288पद नेत्र सहायक...

7 लाख युवाओं को 5000 हर माह देगी सरकार

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  7 लाख युवाओं को 5000 हर माह देगी सरकार,  बस लेनी होगी ट्रेनिंग। अगस्त से दूसरा चरण शुरू Internship Yojana : प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना एक स्किल्ड, मन से मजबूत और ज्ञानवान युवाओं को तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है जो राष्ट्र के विकाश में  योगदान दे सके। कितनी ज्ञान और व्यावहारिक अनुभव के बीच की खाई को पाटना। यह योजना भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए।  कुशल युवाओं को तैयार कर रही है। यदि आप भारत के विकास में योगदान देने और वास्तविक दुनिया का अनुभव प्राप्त करने के लिए उत्सुक हैं, तो प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना आपके करियर को गति देने का एक बेहतरीन अवसर हो सकती है। केंद्र सरकार युवाओं को कौशल प्रशिक्षण के साथ-साथ स्टाइपेंड प्रदान करने की योजना शुरू करने जा रही है इस पहले देश भर के लगभग 7 लाख युवाओं को हर महीने 5000 रु का स्टाइपेंड दिया जाएगा और जहां युवा प्रशिक्षण प्राप्त कर कार्य क्षमता हासिल कर पाएंगे वहीं दूसरी तार उन्हें आर्थिक सहयोग भी प्राप्त होगा प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना का दूसरा पायलट चरण एक अगस्त 2025 से प्रारंभ होने जा रहा है। आज का ...

SAIYAARA मूवी देख, फूट फूट कर रो रहे युवा।

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  सैयारा 16 जुलाई को रिलीज हुई फिल्म ने थिएटर और मल्टीप्लेक्स में धूम मचाई हुई है युवा थिएटर में फूट फूट कर रो रहे हैं। इस तरह के वीडियो, क्लिप सोशल मीडिया पर जिज्ञासा पैदा कर रहे हैं आखिर क्या वजह है,क्यों रो रहे हैं। फिल्म में एक युवा कलाकार आहान पांडे और अनीता पड्डा फ्रेस चेहरे लिए, बड़े पर्दे पर दिखाई दे रहे हैं।  युवाओं को उनकी प्रेम कहानी में, अपनी प्रेम कहानी दिखाई दे रही है। उनके ब्रेकअप में, खुद पर बीता हुआ ब्रेकअप दिखाई दे रहा है।  भारत में अक्सर ब्रेकअप हो जाते हैं। और कुछ युवा इस ब्रेकअप को झेल नहीं पाते । झेल नहीं पाने वाले युवाओं को में रखते हुए। यह फिल्म बनाई है।   यह मूवी  मेट्रो शहरों के ब्रेकअप को युवाओं को दिखा रही है। जहां पर धर्म और जाति से उठकर प्रेम किया जाता है। और यह प्रेम सफल नहीं होता है, तब यह इमोशनल धक्का पहुंचता है।  लेकिन भारतीय परिदृश्य में मेट्रो शहर से नीचे के शहरों की ओर आए तो ब्रेकअप के मामले के विषय अलग-अलग होते हैं ।  हालांकि युवा सिर्फ मेट्रो शहर मुंबई के युवाओं के बीच होने वाले रोमांस को लेकर एक तरफ गदगद है, तो व...

ऑनलाइन डिलीवरी से छोटे दुकानदारों का शटर डाउन

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  जोमैटो, स्विग्गी और ब्लैंकिट समाज में ऐसी पकड़ बनाई कि लोग बाजार की गलियों में खुली दुकानों को भूल गए।  कभी 15 से 20 साल के बच्चे छोटी-छोटी घर की जरूरत के लिए घर से उनकी मम्मी 50 रुपए देकर दूध,ब्रेड,सब्जी, धनिया, पनीर मंगाती थी। लेकिन आज यह दौर बदल गया है अब सोफा पर पड़े पड़े बच्चे ब्लैंकेट पर आर्डर कर रहे हैं। अगर घर में नौकर काम करते हैं तो वे भी किचिन की जरूरी चीजों के बारे ऑर्डर कर रहे हैं। आज टेक्नोलॉजी ने इंसान को घर से ऑफिस और ऑफिस से घर का छोड़ा है। पहले बच्चे ऑफिस से आते हुए अपने पापा को कोई न कोई फरमाइश जरुर बोलते थे कि, पापा आज आप ब्रेड, मिठाई, या फल लेते आना ।अब ऐसा नहीं है पापा सीधे ऑफिस से घर आते हैं।     छोटे दुकानदार की आमदनी कॉलोनी के खरीदारों पर टिकी रहती थी। अब सन्नाटा सा नजर आता है।     ब्लैंकेट ने कॉपी, पेन, पेंसिल से लेकर सिगरेट तक बेचना शुरू कर दिया है और 10 मिनट में डिलीवरी भी हो जाती है होलसेल में माल खरीदने की वजह से यह छोटे दुकानदारों से सस्ता भी देने लगे हैं ।  भला कोई छोटे दुकानदारों से सामान क्यों खरीदेगा। जो रिश्ता कॉलो...

किसानों के लिए वरदान NABARD

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 किसानों के लिए वरदान नाबार्ड  नेशनल बैंक ऑफ़ एग्रीकल्चर और रूरल डेवलपमेंट की स्थापना 1992 में गांव का विकास किसानों का विकास को दृष्टिगत रखते हुए की गई थी।  केंद्र सरकार का यह डेवलपमेंट फाइनेंशियल प्रोग्राम है कृषि ग्रामीण विकास वित्त प्रदाता नीति निर्माता के साथ-साथ नाबार्ड कृषि लोन सहकारी बैंकों के माध्यम से किसानों को दिलाता है  नाबार्ड की स्थापना 100 करोड रुपए के साथ की गई थी जो आज 55000 करोड रुपए का फंड इसके पास है। किसानों को चाहिए कि इस फंड का उपयोग करें, अभी बड़े किसान ही नाबार्ड से सहायता प्राप्त कर कृषि व्यवसाय को बढ़ा कर रहे हैं। अब सरकार छोटी-छोटी योजनाएं भी ला रही है। ताकि छोटे और मझले किसानों को नाबार्ड से लाभ मिल सके।  जैसे बकरी पालन, डेरी उद्योग,डेयरी उद्योग, कृषि भूमि खरीदने लोन, कोल्ड स्टोर निर्माण के लिए लोन ।  किसान उत्पादक जैसे कृषि बीज कृषि उपकरण प्रधानमंत्री आवास योजना कृषि उपकरण डिजिटल किसान योजना पशुपालन और मछली पालन  बकरी पालन  बकरी पालन के लिए नाबार्ड एक करोड रुपए तक का सब्सिडी वाला लोन किसानों को प्रदान कर, दिए छोटे क...

तुम कांवड़ लेने मत जाना और हो गई FIR

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  कंटेंट राइटर हेमंत सागर। उत्तर प्रदेश के एक स्कूल में एक शिक्षक द्वारा कावड़ यात्रा पर ऐसी कविता पड़ी कि उस पर उत्तर प्रदेश सरकार के द्वारा एफआईआर दर्ज कर दी गई।  आखिर ऐसा क्या था इस कविता में जो शिक्षक को भारी पड़ गया  उत्तर प्रदेश के बरेली शहर में एक विद्यालय में पदस्थ डॉक्टर रजनीश गंगवार ने बच्चों की प्रार्थना सभा में लाउडस्पीकर पर माइक के सहारे कावड़ यात्रा पर एक कविता पढ़ना शुरू कर दिया हाथ में मोबाइल था और दूसरे हाथ में माइक जब शिक्षक गंगवार कविता कांवड़ लेने मत जाना शीर्षक से कविता पढ़ना शुरू कर रहे थे।     तभी किसी ने एक वीडियो बना लिया और यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया ।  फिर क्या था उत्तर प्रदेश की सरकार ने आनन फानन में शिक्षक पर FIR कर दी, और दलील दी कि इस कविता में कांवड़ यात्रा विरोध संदर्भ झलक रहा है।  शिक्षक से कावड़ पर लिखी कविता पर माफी मांगने के लिए कहा गया, लेकिन शिक्षक ने साफ-साफ कह दिया कि मैं माफी नहीं मांगूंगा क्योंकि कविता में ऐसा कुछ है ही नहीं जिसके लिए माफी मांगी जाए। अब सोशल मीडिया पर यह बहस का मुद्दा बन गया कि शिक...

90 लाख सालाना की नौकरी छोड़, शुरू किया माइक्रोग्रीन उगाना

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 90 लाख की नौकरी छोड़ कर शुरू किया माइक्रोग्रीन उगाना ।कहते हैं कि नौकरी छोड़कर कारोबार करना कभी आसान नहीं होता है। लेकिन आइडिया में दम हो और मन में पूरा विश्वास तो आप भी मोहित निझावन की तरह सफ़ल कारोबारी बन सकते हैं। मोहित ने अपनी 90 लाख सैलरी की जॉब छोड़कर माइक्रोग्रीन उगाना शुरू किया। इन्हें उगाने के लिए किसी खेत या ज़मीन की ज़रूरत नहीं होती, बल्कि एक कमरे के अंदर ट्रे में ही पानी डालकर इन्हें उगाया जाता है। जैसे मशरूम की पैदावार करते हैं ठीक उसी तरह । यह सब्जियां स्वाद के साथ कई गुणों से भरपूर होती हैं। तभी तो मोहित के कारोबार आज एक करोड़ रुपये से ज़्यादा है! मोहित चंडीगढ़ के रहने वाले हैं। वह मुंबई में एक फार्मा कंपनी में जॉब करते थे। अपनी जॉब के दौरान उन्होंने देखा कि जिन्हें कैंसर हो जाता है, महंगी दवाएं और इलाज के बाद भी ज़्यादातर लोग ठीक नहीं हो पाते। उनके सामने एक बच्चे की मौत ही गई थी। उन्होंने अपने भाई समेत कई करीबी रिश्तेदारों को भी कैंसर से पीड़ित देखा। कैंसर के इन मामलों ने मोहित को झकझोर कर रख दिया। उन्होंने पाया कि ये लाइफस्टाइल और खान-पान की समस्याओं के कारण हो रह...

ग्वालियर के गर्ल्स हॉस्टल में छात्रा के साथ हॉस्टल संचालक ने की गाली गलोंच, ऑडियो वायरल

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 ग्वालियर में एक गर्ल्स हॉस्टल संचालक की गाली गलोंच से परेशान छात्रा को आखिर हिम्मत बांधकर पुलिस में रिपोर्ट लिखने जाना पड़ा । उत्तरप्रदेश के आगरा की रहने वाली छात्रा ग्वालियर में एक प्राइवेट गर्ल्स हॉस्टल में रह कर अपनी पढ़ाई कर रही थी। छात्रा ने पुलिस में आवेदन देकर बताया है कि, ग्वालियर के सिटी सेंटर स्थित गोविंदपुरी में एएम गर्ल्स हॉस्टल में हॉस्टल संचालक ने गंदी-गंदी गालियां दी और जान से मारने की धमकी भी दी। छात्रा का कसूर सिर्फ इतना था कि उसने हॉस्टल की मैस में बचा हुआ खाना वह हॉस्टल संचालक की अनुमति के बिना अपने रूम में ले गई थी। बस यही बात हॉस्टल के संचालक गुरजीत सिंह भोला को नागवार गुजरी उसने पीड़ित छात्रा को जमकर गालियां दी और जान से मारने की धमकी दी। पीड़ित छात्रा उत्तर प्रदेश के आगरा की रहने वाली है और वह यहां रहकर जीवाजी विश्वविद्यालय से BSC ऑनर्स की पढ़ाई कर रही है, पीड़ित छात्रा का कहना है कि हॉस्टल में हॉस्टल का संचालक कई छात्राओं के साथ इस तरह का दुर्व्यवहार करता है। कई छात्राएं डर के मारे अपना मुंह नहीं खोलती।  गाली गलोंच करने वाले का हॉस्टल बंद की  उठी ...

गांव की महिला वार्षिक टर्नओवर 30 लाख

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 कपड़ों की सिलाई से शुरू हुआ सफर 30 लाख के वार्षिक टर्नओवर पर जा कर रुकेगा । यह सफ़र खुशियों की दास्तान लेकर लौटा थोड़ी दम मध्य प्रदेश सरकार ने लगा दी 09, लाख रुपए का लोन देकर रेखा ने अपने सपने बनाए हकीकत और दूसरों के लिए भी बनीं सुखद भाग्य रेखा   रेखा ने केवल अपने सपनों को ही हकीकत नहीं बनाया है, बल्कि वे अपने जैसी अन्य महिलाओं की सुखद भाग्य रेखा बनकर उन सभी के जीवन में खुशहाली के रंग भर रही हैं। रेखा की उम्मीदों को परवान चढ़ाने में प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) ने महती भूमिका निभाई है।    घाटीगांव के सुदूर धुंआ गांव की महिला की कहानी      ग्वालियर जिले के घाटीगाँव विकासखंड के दूरस्थ गाँव धुँआ की निवासी श्रीमती रेखा खेमरिया बताती हैं कि मैंने बचपन से ही आत्मनिर्भर बनने की सोच रखी थी। शादी के बाद पति श्री कप्तान सिंह खेमरिया को अपने सपने के बारे में बताया। उनसे मिले प्रोत्साहन की बदौलत मैंने सिलाई मशीन खरीदी और घाटीगाँव क्षेत्र में कपड़े सिलने का काम शुरू किया। मेरे द्वारा सिले गए कपड़ों की क्षेत्र में धीरे-धीरे मांग बढ़ती गई। रेखा कह...

तिघरा के गेट खुले, देखने पहुंचे सैलानी और शहरवासी

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 बरसात अधिक होने की वजह से तिघरा बांध में पानी की मात्रा बढ़ती जा रही थी आज ग्वालियर में फिर से तिघरा जलाशय के गेट खोले गए। सभी 7 गेट खोलकर लगभग 8 से 10 हजार क्यूसेक पानी निकाला गया और डाउन स्ट्रीम में बसे गाँवों को सतर्क किया गया गेट खुलने की खबर सुनकर रोमांच का आनद लेने बड़ी संख्या में पहुँचे शहरवासी और सैलानी पहुंचे     ग्वालियर जिले के सबसे प्रमुख पर्यटन स्थल एवं शहर की पेयजल आपूर्ति के सबसे बड़े स्त्रोत तिघरा जलाशय के गेट इस साल मंगलवार को फिर से खोले गए। इस साल हो रही अच्छी मानसूनी बारिश से मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया की उत्कृष्ट तकनीक से निर्मित तिघरा जलाशय बार-बार लबालब हो रहा है। मंगलवार को सायंकाल लगभग 4 बजे तिघरा जलाशय के 5 गेट खोले गए। इसके डेढ़ घंटे बाद शेष 2 गेट भी खोल दिए गए। इस प्रकार तिघरा के सभी 7 गेट खोलकर पानी निकाला गया।    कलेक्टर रुचिका चौहान ने दिए निर्देश । गेट खोलने से पहले लगभग आधा-आधा घंटे के अंतराल से तीन बार सायरन बजाकर तिघरा की डाउन स्ट्रीम में बसे गाँवों को सतर्क किया गया। कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान के निर्देश पर राजस्व विभाग की ...

जिस विभाग में रिज़र्वेशन नहीं, वहां रिप्रजेंटेशन भी नहीं होगा।

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  जिस विभाग में रिजर्वेशन नहीं, वहां रिप्रजेंटेशन भी नहीं, यह बात एमपी के पूर्व सीजे कैत ने कही   - मैं अपनी बात नहीं कर रहा, ध्यान रखना कि मेरे लिए भी ये हुआ है। और मेरे लिए जो कुछ हुआ है उसको मैं ज्यादा कम्पलेन नहीं करता। क्योंकि, बोलने वाला और समाज के लिए करने वाले को कोई पसंद नहीं करता। खासकर जिनके हाथ में सिस्टम है। आपके हाथ में सिस्टम नहीं हैं। आप चाहे जितनी चर्चा करो,कि बहुत अच्छा किया ये किया वो किया। लेकिन जिनको डिसाइड करना है उनके लिए जितने चर्चें बनते हैं उतना उल्टा काम होता है। लेकिन, उसकी हमने परवाह नहीं की। जो मैंने किया मैं प्राउड फील करता हूं।         मप्र हाईकोर्ट के रिटायर्ड चीफ जस्टिस सुरेश कुमार कैत रविवार को भोपाल के समन्वय भवन में हुए दलित, ओबीसी, माइनॉरिटीज एवं आदिवासी संगठनों (DOMA) के परिसंघ के सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। इसमें परिसंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व सांसद उदित राज, पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह और परिसंघ के प्रदेश अध्यक्ष एआर सिंह मौजूद थे।   पूर्व चीफ जस्टिस ने कॉलेजियम सिस्टम पर भी सवाल उठाए कहा- दलित, आदिवास...

मंत्री को गंदगी पसंद नहीं, ख़ुद कूद पड़ते हैं साफ़ करने

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 मंत्री तो आपने बहुत देखे होंगे क्या आप एक ऐसे मंत्री को जानते हो जो अपने क्षेत्र में भ्रमण के दौरान गंदी नाली गटर दिखते ही कूद पड़ते हैं झाड़ू फावड़ा लेकर सफ़ाई करने के लिए। मध्य प्रदेश के ग्वालियर से आने वाले ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर अपने क्षेत्र में हमेशा चर्चा का विषय बने रहते हैं। कभी सड़क पर झाड़ू लगाना शुरू कर देते, कभी गंदी गटर में कूद जाते हैं सफाई करने, कभी बिना एसी के खुले पार्क में सोते हैं। पूरा ग्वालियर शहर उनके इन कारनामों से ज्यादा पहचानता है अभी हाल ही में  ऊर्जा मंत्री श्री तोमर ने उप नगर ग्वालियर के विभिन्न वार्डो में पहुँच कर जनसमस्याएं सुनी इस दौरान गंदी गटर दिखते ही शुरू हो गए सफ़ाई करने  ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने उप नगर ग्वालियर के वार्ड 16, 17, 08 व 11 सहित विभिन्न वार्डो में पहुँच कर जनसमस्याएं सुनी तथा उनका त्वरित निराकरण करने के निर्देश सम्बन्धित अधिकारियों को दिए। इस अवसर पर ऊर्जा मंत्री के साथ जिला प्रशासन, नगर निगम तथा विद्युत वितरण कंपनी के अधिकारियों के अलावा स्थानीय पार्षद व अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।  ...

कर्नाटक के घने जंगलों में रूसी महिला मिली, पिछले 8 साल से गुफा में दो बच्चियों के साथ रह रही थी

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 रूसी महिला कर्नाटक की पहाड़ियों पर घने जंगल में गुफ़ा में दो बच्चियों के साथ रह रही थी, 2017 में वीज़ा ख़त्म हो गया था रूस की रहने वाली एक महिला भारत के कर्नाटक राज्य के जंगलों में दिखाई दी ।वह जंगल में एक गुफा में पिछले 7 वर्ष से रह रही थी जब पुलिस की नजर पड़ी तब यह मामला संज्ञान में आया।     गोकर्ण से अजीब घटना सामने आई है. रामतीर्थ पहाड़ियों पर घने जंगल में गुफा में एक रूसी महिला अपनी दो छोटी बच्चियों के साथ रह रही थी. 40 साल की रूसी महिला का नाम नीना कुटिना उर्फ मोही है. उसकी दो बच्चियां प्रेमा (6 वर्ष) और एमा (4 वर्ष) है. तीनों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने के बाद उनको रूस वापस भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. जांच के दौरान पता चला है कि नीना कुटिना का वीजा 2017 में ही समाप्त हो गया था. पुलिस सर्चिंग में मिली रूसी नीना कुटिया  हाल ही में हुए भूस्खलन के मद्देनजर, गोकर्ण पुलिस स्टेशन के इंस्पेक्टर श्रीधर एस आर और उनकी टीम के सदस्य बुधवार शाम लगभग 5 बजे रामतीर्थ पहाड़ी के वन क्षेत्र में गश्त कर रहे थे, तभी उन्होंने एक गुफा के बाहर कपड़े लटके हुए देखे. इससे जंग...

कलेक्टर ने लगाई पटवारियों को फटकार एक हफ्ते में करें नामांतरण, सीमांकन, बटवारा

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 तीन माह पुराने राजस्व प्रकरण एक हफ्ते में निराकृत करें – ग्वालियर कलेक्टर श्रीमती चौहान ने रविवार के दिन राजस्व विभाग के अधिकारियों को बैठक में निर्देश दिए  छ: माह पुराने अभिलेख दुरुस्ती संबंधी प्रकरण 25 जुलाई तक निराकृत करने के निर्देश दिए हैं  तीन माह पुराने सभी नामांतरण, बटवारा व सीमांकन प्रकरणों का तेजी से निराकरण करें। प्रयास ऐसे हों कि ऐसे सभी प्रकरण एक हफ्ते के भीतर निराकृत हो जाएं। इसी तरह अभिलेख दुरुस्ती से संबंधित 6 माह पुराने सभी प्रकरणों का निराकरण 25 जुलाई तक कराएँ। यह निर्देश कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने राजस्व अधिकारियों की बैठक में जिले के सभी एसडीएम, तहसीलदार व नायब तहसीलदारों को दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि निराकरण में ढ़िलाई सामने आने पर संबंधित राजस्व अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होगी।   रविवार को कलेक्ट्रेट के सभागार में आयोजित हुई बैठक में कलेक्टर श्रीमती चौहान ने कहा कि राजस्व प्रकरणों का त्वरित निराकरण राज्य शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। इसलिए राजस्व प्रकरण का निराकरण समय-सीमा के भीतर सुनिश्चित करें। स्वामित्व योजना के तहत भू-अ...

15 से 30 जुलाई तक चलेगा नशे से दूरी अभियान

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 ग्वालियर में नशे के दुष्परिणामों के प्रति समाज को जागरूक करने के लिये प्रशासन चलाएगा 15 से 30 जुलाई तक विशेष अभियान  कलेक्टर एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने अभियान को लेकर की गूगल मीट  पुलिस द्वारा “नशे से दूरी है जरूरी” नाम से चलाया जायेगा यह अभियान  नशीले पदार्थों के बताएंगे दुष्परिणाम  नशीले पदार्थों के गंभीर दुष्परिणामों के प्रति समाज को जागरूक करने के लिये ग्वालियर जिले में भी 15 से 30 जुलाई तक “नशे से दूरी है जरूरी” अभियान चलाया जायेगा। मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा सभी विभागों एवं सम्पूर्ण समाज की भागीदारी से इस अभियान को मूर्तरूप दिया जायेगा। अभियान की गतिविधियों को सुव्यवस्थित एवं प्रभावी ढंग से क्रियान्वित करने के उद्देश्य से कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री धर्मवीर सिंह ने शनिवार को गूगल मीट के जरिए विभिन्न विभागों के अधिकारियों से चर्चा की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए ।    कलेक्टर भी रहेंगी इस अभियान में साथ  कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने निर्देश दिए कि केवल कानूनी कार्रवाई ही नहीं अपितु नशीले पदार्थों का सेवन करने वाल...

पेट्रोल पंप पर मिलावट की जांच करने पहुंचे अधिकारी

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  भोपाल : पेट्रोल-डीजल पम्पों पर मिलावट की आ रही शिकायतों के बीच कलेक्टर ने जांच दल गठित कर दिए निरीक्षण के निर्देश।    कलेक्टर भोपाल कौशलेंद्र विक्रम सिंह द्वारा पेट्रोल पंप पर मिलावट की सूचनाएं लगातार समाचार पत्रों में प्रकाशित हो रही थी। ध्यान में रखते हुए भोपाल कलेक्टर ने जांच दल  बना कर रवाना किया जांच दल में चन्द्रभान सिंह जादौन, जिला आपूर्ति नियंत्रक भोपाल के मार्गदर्शन में जिले में मोटर स्पिरिट और उच्च वेग डीजल प्रदाय तथा वितरण का विनियमन और अनाचार निवारण आदेश 2005 के प्रावधानों का पालन सुनिश्चित कराने के संबंध में जांच की गई।       यह जांच राजस्व विभाग, खाद्य विभाग और नापतौल विभाग के अधिकारियों द्वारा की गई। जांच दल में श्री एस.पी. पंडोले, नायब तहसीलदार भोपाल श्री जगदीश भावसार, निरीक्षक नापतौल, श्री अशोक सत्यार्थी, सुश्री कुसुम अहिरवार, श्री संदीप भार्गव, सहायक आपूर्ति अधिकारी तथा श्री सुनिल वर्मा, श्री पुष्पराज पाटिल, श्रीमती वसुंधरा पेन्ड्रो एवं श्री मयंक द्विवेदी, कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी शामिल रहे। गुरुवार को जांच दल द्वारा बैरागढ़ क्षेत्र स...

फार्मा कंपनी की नौकरी छोड़, किया रंगीन मछली पालन कमाती है 3 लाख रुपए

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 सफलता की कहानी फार्मासिस्ट से मत्स्य उद्यमी बनीं लवली गुप्ता  भोपाल की रहने वाली श्रीमती लवली गुप्ता ने यह सिद्ध कर दिया कि जब संकल्प मजबूत हो और दिशा सही हो, तो कोई भी राह असंभव नहीं होती। पेशे से फार्मासिस्ट रहीं लवली जी ने पारिवारिक जिम्मेदारियों के चलते फार्मा कंपनी की नौकरी छोड़ने का कठिन निर्णय लिया, लेकिन अपने आत्मबल और नई सोच से उन्होंने स्वरोजगार की राह पकड़ी।  अपने बच्चे की बीमारी के दौरान घर के करीब रहकर कोई कार्य प्रारंभ करने की सोच ने उन्हें मत्स्य पालन की ओर प्रेरित किया। मछली विभाग से मार्गदर्शन प्राप्त कर उन्होंने प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना का लाभ लिया और अनुदान प्राप्त कर रंगीन मछलियों की यूनिट स्थापित की।  अपने पति के सहयोग से उन्होंने भोपाल और आसपास के जिलों में रंगीन मछलियों की बिक्री और एक्वेरियम की स्थापना का कार्य प्रारंभ किया। आज उनकी इकाई से उन्हें लगभग ₹1 लाख प्रति माह की शुद्ध आय प्राप्त हो रही है। यह सिर्फ उनकी सफलता की कहानी नहीं है, बल्कि उन सात लोगों की भी है जिन्हें उन्होंने इस कार्य से प्रत्यक्ष रूप से रोजगार दिया है। इसके अतिरि...

ग्वालियर शहर की सुरंग नुमा सड़क

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  बरसात के मौसम में ग्वालियर शहर की सुरंग नुमा सड़क  की तस्वीर सामने आते ही शासन प्रशासन और मंत्री सभी हिल गए      शहर की मुख्य मार्ग AG पुल से माधव नगर जाने वाली सड़क पर जब बरसात के पानी के बहाव तेज हुआ तो तो सड़क बह गई और भ्रष्टाचार की एक ऐसी सुरंग नुमा सड़क की तस्वीर निकल कर सामने आई ।    इस तस्वीर के सामने आते ही  यह खबर जिले स्तर की न रहकर प्रदेश स्तर के गलियारों में चर्चा का विषय बन गई की, ठेकेदार और इंजीनियर ने 18 करोड़ की लागत से,  कम गुणवत्ता की सड़क बना दी।        मीडिया ने जब इस मुद्दे को आड़े हाथों लिया तो शासन ने इन सड़कों की मरम्मत के लिए   3 करोड़ की राशि  स्वीकृत कर दी। अब देखना है कि यह सड़क अगली बरसात को झेल पाएगी या नहीं।    प्रभारी मंत्री ने ग्वालियर शहर की सड़कों की जर्जर हालात  का जायजा  लिया तो यह निकाल कर आया की सड़क  गुणवत्ता विहीन बनाई गई । अब आनन फानन में सड़क निर्माण के लिए 3 करोड़ की राशि स्वीकृत की गई है प्रभारी मंत्री ने मुख्यमंत्री एवं वरिष्ठ अधिकारियो...