गांव की महिला वार्षिक टर्नओवर 30 लाख
कपड़ों की सिलाई से शुरू हुआ सफर 30 लाख के वार्षिक टर्नओवर पर जा कर रुकेगा ।
यह सफ़र खुशियों की दास्तान लेकर लौटा थोड़ी दम मध्य प्रदेश सरकार ने लगा दी 09, लाख रुपए का लोन देकर
रेखा ने अपने सपने बनाए हकीकत और दूसरों के लिए भी बनीं सुखद भाग्य रेखा
रेखा ने केवल अपने सपनों को ही हकीकत नहीं बनाया है, बल्कि वे अपने जैसी अन्य महिलाओं की सुखद भाग्य रेखा बनकर उन सभी के जीवन में खुशहाली के रंग भर रही हैं। रेखा की उम्मीदों को परवान चढ़ाने में प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) ने महती भूमिका निभाई है।
घाटीगांव के सुदूर धुंआ गांव की महिला की कहानी
ग्वालियर जिले के घाटीगाँव विकासखंड के दूरस्थ गाँव धुँआ की निवासी श्रीमती रेखा खेमरिया बताती हैं कि मैंने बचपन से ही आत्मनिर्भर बनने की सोच रखी थी। शादी के बाद पति श्री कप्तान सिंह खेमरिया को अपने सपने के बारे में बताया। उनसे मिले प्रोत्साहन की बदौलत मैंने सिलाई मशीन खरीदी और घाटीगाँव क्षेत्र में कपड़े सिलने का काम शुरू किया। मेरे द्वारा सिले गए कपड़ों की क्षेत्र में धीरे-धीरे मांग बढ़ती गई। रेखा कहती हैं इसके बाद हमने अपनी दुकान खोलने की सोची। पर आर्थिक तंगी आड़े आ रही थी। ऐसे विपरीत हालातों में सरकार द्वारा संचालित प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम ने मुझे सहारा दिया।
09 लाख का लिया कर्ज़ प्रधानमंत्री रोज़गार सृजन कार्यक्रम योजना से साथ में मिला अनुदान
रेखा बताती हैं कि प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत मुझे सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की घाटीगाँव शाखा से साढ़े 9 लाख रूपए का ऋण-अनुदान मिला। इससे हमने पाँच नई सिलाई मशीन लेकर दुकान खोली। पाँच अन्य महिलाओं को प्रशिक्षण देकर अपनी दुकान पर रख लिया। इससे उनकी भी रोजी-रोटी चलने लगी और मेरे सपने हकीकत बन गए। रेखा एवं उनके पति कप्तान सिंह कारोबार की सफलता से गदगद होकर कहते हैं कि आज हमारी केवल सिलाई की ही दुकान नहीं है, साथ में रेडीमेड गारमेंट व जूतों की दुकान भी जुड़ गई है।
रेखा के दो बेटे, दोनों पढ़ रहे
रेखा-कप्तान सिंह दम्पत्ति के दो बेटे हैं। एक बेटा इस साल बारहवीं कक्षा में और दूसरा बेटा कॉलेज में पहुँचा है। कप्तान सिंह कहते हैं कि हम पति-पत्नी ने अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दिलाने की सोच रखी थी, वह अब हम आसानी से पूरा कर पा रहे हैं। उनका कहना है कि हमारे व्यवसाय का वार्षिक टर्नओवर 30 लाख के ऊपर पहुँच गया है। हर माह 17 हजार रूपए की किस्त के रूप में हम नियमित रूप से ऋण अदायगी भी आसानी से कर पा रहे हैं। साथ ही दुकान से हुई कमाई से हमारे परिवार का जीवन स्तर बदल गया है।
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने किया सम्मानित
मौजूदा जुलाई माह के पहले हफ्ते में ग्वालियर में आयोजित हुए समरसता सम्मेलन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, केन्द्रीय मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया एवं विधानसभा अध्यक्ष श्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने मंच से जब श्रीमती रेखा खेमरिया को सफल उद्यमी के रूप में सम्मानित किया तो कप्तान सिंह भावुक हो गए। वे बोले कि सरकार सही मायने में महिलाओं को स्वावलम्बी बनाकर आर्थिक सशक्तिकरण की नई इबारत लिख रही है।


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