15 दिन के नवजात बच्चे को मां ने रख दिया फ्रिज में, और सोने चली गई।
उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद शहर में एक महिला ने अपना 15 दिन के बच्चे को फ्रिज मे डाला
15 दिन के नवजात बच्चे को फ्रिज में डाल दिया, उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद शहर में एक महिला ने अपना बच्चा जो की सो नहीं रहा था । इस बात से परेशान होकर उसने फ्रिज में रख दिया और खुद सोने चली गई,
जब बच्चे की रोने की आवाज उसकी दादी मां के कानों में पड़ी, तो फ्रिज खोला। फ्रिज खोलने के बाद दादी मां सन्न रह गई। जब महिला से पूछा गया कि उसने ऐसा क्यों किया तो महिला का कहना था कि,बच्चा रोए जा रहा था। चुप नहीं हो रहा था। और वह 15 दिन से सो नहीं पा रही थी महिला मानसिक रूप से पोस्टपार्टम् साइकोसिस मानसिक रोग से पीड़ित बताई जा रही है।
अक्सर जो महिलाएं बच्चों को संभालने का अनुभव नहीं होता है। वह गर्भावस्था के बाद इस तरह की मानसिक अवस्था में पहुंच जाती हैं। जिन महिलाओं ने कभी नवजात बच्चों को खिलाया पिलाया नहीं होता है। और हाथ में नहीं लिया होता है। वह महिलाएं डिलीवरी के बाद अनकंफरटेबल महसूस करती हैं। और वह चिड़चिड़ी हो जाती हैं। उनके नींद का टाइम टेबल बिगड़ जाता है। नींद के टाइम टेबल बिगड़ने की वजह से उनके अंदर एक मानसिक बीमारी जन्म ले लेती है। आजादी चुनने की वजह से वह साइकोसिस की शिकार हो जाती हैं। 24 घंटे बच्चों को संभालना दुर्लभ कार्य है। इसको वह संभाल नहीं पाती हैं। यह अधिकतर एकल परिवार से जुड़ी अधिकतर महिलाओं के साथ होता है। क्योंकि उन्हें किसी प्रकार का बच्चा संभालने का कोई अनुभव परिवार से पड़ोस से नहीं मिलता है। यह घटना 5 सितंबर की बताई जा रही है। बच्चा फ्रिज से निकलने के बाद डॉक्टर की देखरेख में है। अभी हालत नाजुक बताई जा रही है। निमोनिया होने की संभावना से इनकार नहीं किया सकता। परिवार की फैमिली हिस्ट्री को देखकर बच्चों की डिलीवरी टाइम पर परिवार में सदस्यों का संख्या बढ़ा देनी चाहिए। खासकर बुजुर्ग महिलाएं इस काम को आसानी से संभल देती हैं। इस अवस्था में आने पर महिला खतरनाक साबित हो सकती है। खासकर बच्चों के लिए इसलिए महिला के आसपास अन्य महिला या पुरुष का होना जरूरी है। इस तरह के अवसाद को किसी प्रकार के जादू टोना से जोड़कर हल करने का प्रयास नहीं करना चाहिए।
नोट - यह कंटेंट वास्तविक घटना पर आधारित है और जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से लिखा गया है। स्रोत: विभिन्न समाचार रिपोर्ट्स
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