जर्सी गाय देती है 15 से 25 लीटर दूध

 कंटेंट राइटर हेमंत सागर 

भारत देश से अगर दूध की कमी को पूरा करना है तो जर्सी गाय की संख्या बढ़ानी होगी । जर्सी 15 से लेकर 25 किलो तक प्रतिदिन दूध देने की क्षमता रखती है। यह यूके की प्रजाति है। और हॉलैंड में पाई जाती है। अभी यह भारत की धरती पर भी मिलने लगी है। लेकिन इसकी पर्याप्तता ज्यादा नहीं है। संपूर्ण देश में जर्सी गाय की संख्या बढ़ाने के लिए एग्रीकल्चर और डेयरी उद्योग को मिलकर प्रयास करने होंगे। यहां की देसी नस्ल के साथ हाइब्रिड गाय पैदा करनी होगी।


     डेयरी उद्योग में जर्सी गाय का महत्व बहुत अधिक रहा है। आज दुनियाभर में जर्सी गाय की मांग है। ये गाय अपनी असीमित दूध देने की क्षमता के लिए पूरे विश्व में प्रसिद्ध है। जानकार बताते हैं कि जर्सी नस्ल की गाय एक बार ब्याने के बाद सबसे ज्यादा लंबे समय तक दूध देती है। और 15से 25 लीटर दूध देती है।

तीन से चार बार इस गाय का दूध निकाल सकते हैं।

   आज हम अपने इस लेख के जरिए जर्सी गाय से जुड़ी तमाम जानकारियां बताएंगे।

       एक जर्सी गाय कितना दूध देती है, उसकी पहचान कैसे की जा सकती है, जर्सी गाय कितने महीने दूध देती है आदि। अगर आप जर्सी गाय से जुड़ी ये दिलचस्प जानकारियां हासिल करना चाहते हैं तो इस आर्टिकल को अंत तक पढ़िए।



1. जर्सी गाय कहां की नस्ल है। 


जर्सी नस्ल की गाय सबसे पहले यूके के जर्सी द्वीप पर पाई गई थी। इस नस्ल का जर्सी नाम भी इसी जगह के ऊपर रखा गया है। आज यह हॉलैंड में ज्यादा पाई जाती है। आज के समय मे  पशुपालकों के लिए जर्सी गाय दूध की लॉटरी लगाने वाली बन गई है, ये एक सबसे बड़ा कारण है कि अब यह दुनिया के हर कोने में देखी जा सकती है।


2. जर्सी गाय  की पहचान कैसे करें।

रंग भूरा, इस पर सफेद रंग के धब्बे मौजूद रहते हैं।

जर्सी गाय की पहचान उसके रंग, कद काठी और कई दूसरी चीज़ों से भी की जा सकती है।। जर्सी गाय दिखने में भले ही छोटी होती हों, लेकिन इनका शरीर भारी होता है और इनका वजन 400 से 500 किलो तक हो सकता है। बात करें जर्सी गाय के सींग  छोटे होते हैं और इसकी आंखें काले रंग की होती है।


3. जर्सी गाय क्यों पालें।


जर्सी गाय की विशेषताएं कई हैं जिसकी वजह से इन्हें दुनियाभर में पाला जाता है। विशेषकर डेयरी उद्योग में।

    जर्सी गाय की नस्ल सबसे ज्यादा समय तक दूध दे सकती है। जर्सी नस्ल की गाय की रोग प्रतिरोधक क्षमता थोड़ी कमजोर होती है और जल्दी जल्दी बीमार पड़ती है।

    भारत के अंदर इन्हें पालने के लिए कई जरूरी इंतजाम करने पड़ते हैं। इसके अलावा जर्सी नस्ल को सुधारने के लिए जर्सी गाय की बछिया( बच्चे ) को भी पाला जाता है।


4. जर्सी गाय की बछिया को कैसे पालें 


    दुनियाभर में नस्ल सुधार के लिए पाला जाता है। इस दौरान जर्सी गाय की बछिया को करीब 25 से 30 महीने अच्छे आहार और सही माहौल के साथ रखा जाता है। इसके अलावा इन्हें समय - समय पर कई टीके दिए जाते हैं, ताकि ये रोगों से दूर रहें और स्वस्थ रहे। इसके साथ ही जब जर्सी गाय की बछिया 2 साल से 2.5 साल के बीच की हो जाती है तो इनका पहला हीट साइकिल होता है, और इस समय ये गाभिन गर्भवती होने के लिए तैयार हो जाती है।


5.  दूध की विशेषताएं क्या रहती हैं 

गाय के दूध से जुड़े कई सवाल हैं,

         जर्सी गाय लगभग 10 महीने या 290 दिन तक दूध दे सकती है। वहीं बात करें कि जर्सी गाय रोजाना कितना दूध दे सकती हैं तो बता दें कि ये नस्ल रोजाना 15 से 25 लीटर के बीच दूध देने की क्षमता रखती है। जर्सी नस्ल की गाय के दूध में ए 1 प्रोटीन पाया जाता है, जिसके नुकसानदायक होने की बात कही जाती है। हालांकि अब तक इस पर कुछ शोध होने बाकी हैं। इसके अलावा जर्सी गाय एक ब्यात में 3500 से 4000 लीटर तक दूध दे सकती है।


6.  देखरेख का तरीका क्या रहेगा।


जर्सी गाय की नस्ल जर्सी द्वीप से आती है। ऐसे में इसकी देखरेख भारत के अंदर और अन्य स्थानों पर अलग तरीकों से करनी चाहिए। अगर जर्सी गाय की देखरेख मौसम के अनुसार न की जाए तो इस स्थिति में उनकी उत्पादकता घट सकती है। 

जर्सी गाय की गौ शाला।

गौशाला भी खोल सकते हैं यह लाभ का सौदा रहेगा।


7. क्या खिलाना चाहिए जर्सी गाय को और उसकी मात्रा


जर्सी गाय को क्या खिलाना चाहिए या जर्सी गाय प्रतिदिन कितना चारा खाती है, इसका जवाब उसकी स्थिति के आधार पर निर्भर करता है। साधारण शब्दों में समझें तो, अगर जर्सी गाय दूध दे रही है।

   तो उसको पशु आहार देना चाहिए।

  वहीं अगर जर्सी गाय दूध नहीं दे रही है। तो उसके आहार की मात्रा सामान्य रहेगी। एक सामान्य जर्सी गाय को आप रोजाना 18 से 22 किलो हरा चारा और 3 से 5 किलो सूखा चारा दे सकते हैं। इसके अलावा मिनरल मिक्सचर, जैसे सरसों की खाली। बेजर आदि दे सकते हैं।


   दाना मिश्रण मात्रा 1 किलो से 2 किलो के बीच हो सकती है। हमें उम्मीद है कि आपको पता चल गया होगा किजर्सी गाय प्रतिदिन कितनी घास खाती है।


8. गर्भवती जर्सी गाय का ध्यान कैसे रखते हैं।


गर्भवती जर्सी गाय का ध्यान रखने में कुछ बातों को ध्यान में रखना बेहद जरूरी है। अगर इन बातों का ध्यान न रखा जाए तो बिगाड़ हो सकता है।


जर्सी गाय को रोजाना हरा चारा और सूखा चारा देना चाहिए। एक गाभिन जर्सी को रोजाना 20 से 25 किलो चारा दिया जा सकता है।


गर्भावस्था में जर्सी नस्ल की गाय को खली, मिनरल मिक्सचर, दाना मिश्रण जरूर देना चाहिए।


गाभिन गर्भवती गाय जर्सी को शुरुआती तीन महीने के दौरान केवल साधारणहरा चारा दें, लेकिन उनके आहार में प्रोटीन लवण आदि को शामिल करें।


3 से 6 महीने के गर्भकाल के दौरान जर्सी गाय के आहार की मात्रा को बढ़ाएं और इस दौरान प्रोटीन, लवण और कैल्शियम जैसी सामग्री जरूर दें।


6 महीने से लेकर 9 महीने के दौरान गाभिन जर्सी को पाचक प्रोटीन, लवण, विटामिन और मिनरल्स देने चाहिए। इसकी मात्रा की जानकारी आप पशु चिकित्सक से ही लें।


जर्सी गाय की हीट साइकिल कब आती है ?


जर्सी गाय की हीट साइकिल या जर्सी बछिया किस उम्र में बछड़ा पैदा कर सकती है।  ये सवाल लोगों के ज़हन में उठता है। बता दें कि, जर्सी बछिया जब पहली बार 2 से 2.5 साल की होती है  

तब हीट में आती है और तभी वह गाभिन होने के लिए तैयार हो जाती है। इसके बाद जब प्रसव हो जाता है तो इस स्थिति में 45 दिन तक वह वापस हीट  गर्भावस्था के लिए नहीं आती। इसके अलावा अगर गाय गाभिन न हो तो उसकी हीट साइकिल 18 से 21 दिन के बीच आती है। गाय हीट में आने के दौरान रंभाने लगती है और दूसरे पशुओं के ऊपर चढ़ने की कोशिश करने लगती है।


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