नवोदय विद्यालय में प्रवेश शुरू
ग्रामीण छात्रों के लिए जवाहर नवोदय विद्यालय में प्रवेश पाना किसी सपने से काम नहीं होता । प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी देश के प्रत्येक जिले में बने जवाहर नवोदय आवासीय विद्यालय में कक्षा छठवीं में प्रवेश किया जाता है। छठवीं में प्रवेश लेने के लिए छात्रों को एक कठिन परीक्षा से गुजरना होता है
हर जिले में है जवाहर नवोदय विद्यालय।
आपको जानकारी के लिए बता दें कि, देश के प्रत्येक जिले में एक जवाहर नवोदय आवासीय विद्यालय है जहां पर छात्र एवं छात्राओं को कक्षा छठवीं में प्रवेश किया जाता है। यह एक ऐसा विद्यालय जहां पर क्वालिटी एजुकेशन के साथ-साथ क्वालिटी आवासीय सुविधा पूरी तरह निशुल्क सरकार के द्वारा उपलब्ध कराई जाती है।
गांव के अभिभावकों की पहली पसंद।
गांव के अधिकतर अभिभावकों की पहली पसंद अपने बेटा या बेटी को जवाहर नवोदय विद्यालय में पहुंचने की रहती है। क्योंकि गांव में वह सुविधा एजुकेशन के मामले में वह दे नहीं पाते इसलिए हर मां-बाप चाहता है कि, मेरा बच्चा जवाहर नवोदय विद्यालय में पढ़े।
आपको जानकारी के लिए बता दें कि जवाहर नवोदय विद्यालय में 80% सीट ग्रामीण क्षेत्र से आने वाले छात्रों के लिए रिजर्व रहती है ।
वहीं 20% सिम शहरी छात्र एवं छात्राओं के लिए रिजर्व रहती है।।
कठिन परीक्षा से गुजरना पड़ता है तब मिलता है प्रवेश।
कक्षा 5 में रहते हुए छात्र को जवाहर नवोदय विद्यालय की प्रवेश परीक्षा में बैठना होता है। छात्र सिर्फ कक्षा 5 में अध्ययन करते हुए ही इस परीक्षा में बैठ सकता है। अर्थात छात्र को सिर्फ एक मौका मिलता है।
ऑनलाइन भरे जाएंगे फॉर्म
गत वर्ष ऑफलाइन माध्यम से जवाहर नवोदय विद्यालय प्रवेश परीक्षा के फॉर्म भरे जाते थे ।
लेकिन इस बार ऑनलाइन माध्यम से जवाहर नवोदय विद्यालय प्रवेश परीक्षा के फॉर्म भरे जाएंगे। इसकी अंतिम तिथि 31 जुलाई रखी गई है। छात्र एवं छात्राएं अपने फॉर्म ऑनलाइन किओस्क सेंटर पर पहुंच कर जल्दी फॉर्म भर दें। अन्यथा 31 जुलाई के बाद यह साइट फॉर्म लेना बंद कर देगी अर्थात आप 31 जुलाई के बाद अगर फॉर्म भरने का प्रयास करेंगे तो आप वंचित रह सकते हैं।
अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं पिछड़ा वर्ग के छात्रों के लिए रहता है आरक्षण
आपको बता दें कि इस प्रवेश परीक्षा में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग एवं ईडब्ल्यूएस के अंतर्गत आने वाले परिवार के बच्चों को आरक्षण दिया जाता है। ताकि गरीब छात्र भी इस विद्यालय में प्रवेश पा सके। सरकार की मंशा है कि अधिक से अधिक छात्र आवासीय नवोदय विद्यालय में प्रवेश लें इस बार।
अभ्यर्थी की जन्म तिथि 1 में 2014 से 1 जुलाई 2016 के बीच होनी चाहिए।
अगर इस तिथि के बीच में आपके बच्चे का जन्म नहीं है तो वह फॉर्म नहीं भर पाएगा । अर्थात फॉर्म भरने से पहले जन्म तिथि को देख ले कि, आपका बच्चा इस दो जन्मतिथि के बीच में जन्म है या नहीं।
जनवरी माह में होगी परीक्षा।
हर वर्ष की भांति जवाहर नवोदय विद्यालय प्रवेश परीक्षा जनवरी एवं फरवरी में आयोजित कराई जाती है। इस बार यह परीक्षा जनवरी में आयोजित कराई जाएगी अर्थात जो छात्र जवाहर नवोदय विद्यालय में प्रवेश लेना चाहते हैं वह इसकी प्रवेश परीक्षा की तैयारी जरूर करें
प्रवेश परीक्षा में क्या पूछा जाता है।
जवाहर नवोदय विद्यालय प्रवेश परीक्षा में गणित, हिंदी और तर्क शक्ति के प्रश्न पूछे जाते हैं।
100 नंबर का यह पेपर होता है जिसमें छात्रों को करीब करीब 80 से 90% अंक लाना अनिवार्य है तभी जवाहर नवोदय विद्यालय में प्रवेश पाने की पात्रता रख पाएंगे।
कितना खर्चा आता है।
प्रवेश परीक्षा पास करने के बाद कच्चा छठवीं से लेकर कक्षा 12वीं तक रहने खाने और स्कूल का सारा खर्च केंद्र सरकार उठाती है

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