रामबली रावत रिश्वत लेते लोकायुक्त ने रंगे हाथ पकड़ा

 

मुरैना में रिश्वत लेते पकड़ा बाबू

मुरैना| रिश्वतखोर अधिकारी-कर्मचारियों पर कार्रवाई का सिलसिला लगातार जारी है। लगभग हर दूसरे दिन कहीं न कहीं लोकायुक्त रिश्वतखोर अधिकारी-कर्मचारियों को रिश्वत लेते हुए रंगेहाथों पकड़ रही है।

      लेकिन इसके बावजूद रिश्वतखोर बाज आते नजर नहीं आ रहे हैं। ताजा मामला मुरैना जिले का है जहां एक रिश्तखोर बाबू रंगे हाथों रिश्वत लेते लोकायुक्त के हत्थे चढ़ा है।
          लोकायुक्त एसपी राजेश मिश्रा ने बताया कि मुरैना जिले की पोरसा जनपद पंचायत के बाबू रामबली रावत को ग्वालियर लोकायुक्त की टीम ने मंगलवार को रिश्वत लेते पकड़ा है।
       रिश्वतखोर बाबू रामबली रावत ने सेन्थरा बाढ़ई गांव के रहने वाले रामगोविंद त्यागी से आरटीआई के तहत मांगे गए दस्तावेज देने के एवज में 5 हजार रूपये की रिश्वत की डिमांड की थी। 
      फरियादी रामगोविंद त्यागी ने 23 दिसंबर 2024 में जनपद पंचायत में आरटीआई लगाकर कुछ दस्तावेज मांगे थे जिसके एवज में रिश्वत मांगी जा रही थी।
          रिश्वत मांगे जाने की शिकायत फरियादी रामगोविंद त्यागी ने 30 मई को ग्वालियर लोकायुक्त कार्यालय में की थी। लोकायुक्त की टीम ने शिकायत की जांच की और शिकायत सही पाए जाने पर रिश्वत के 4000 हजार रूपये देकर फरियादी रामगोविंद को रिश्वतखोर बाबू रामबली के पास भेजा। 
        
जैसे ही रामबली रावत ने रिश्वत के पैसे लिए तो सादे कपड़ों में मौजूद लोकायुक्त की टीम ने उसे रंगेहाथों पकड़ लिया। लोकायुक्त टीम में उप पुलिस अधीक्षक विनोद सिंह कुशवाह निरीक्षक बृजमोहन सिंह नरवरिया विवेचक, निरीक्षक श्रीमती रानीलता नामदेव , निरीक्षक बलराम सिंह राजावत, प्र.आर. देवेंद्र पवैया, हेमंत शर्मा, जसवंत शर्मा, बलवीर सिंह आरक्षक प्रशांत राजावत, सुरेंद्र सेमिल, रवि सिंह, विनोद शाक्य  शामिल थे।

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