पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह पहुंचे नरेंद्र सिंह तोमर से मिलने

 मुख्यमंत्री राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर से मिलने ग्वालियर पहुंचे, उनके साथ पूर्व नेता प्रतिपक्ष डॉ गोविंद सिंह और पूर्व मंत्री पीसी शर्मा भी मौजूद रहे। 


  दरअसल कॉंग्रेस की संविधान बचाओ रैली में शामिल होने ग्वालियर पहुंचे दिग्विजय सिंह रेसकोर्स रोड स्थित विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर के बंगले पर पहुंचे। वह नरेंद्र सिंह तोमर के छोटे बेटे प्रबल प्रताप उर्फ रघु तोमर की होने वाली शादी को लेकर शुभकामनाएं देने पहुँचे। 

   इस दौरान नरेंद्र सिंह तोमर और दिग्विजय सिंह के बीच बंद कमरे में राजनीति से परे हटकर आधा घण्टे चाय पर चर्चा भी हुई। साथ ही पुराने किस्सों पर चर्चा के दौरान ठहाके भी लगाते हुए नजर आए। दिग्विजय सिंह के प्रबल प्रताप तोमर ने पैर छुए। वहीं दिग्विजय सिंह ने गले लगाकर उन्हें आशीर्वाद दिया। मुलाकात को लेकर दिग्विजय सिंह ने कहा कि भतीजे की शादी हो रही है। आशीर्वाद देने आना ही पड़ेगा।

आपको विस्तार से बता दें कि,

 मध्य प्रदेश में कांग्रेस अब प्रदेश स्तरीय "संविधान बचाओ रैली" का आयोजन कर रही है। इसी कड़ी में आज ग्वालियर में संविधान बचाओ रैली की गयी।

   कांग्रेस नेताओं ने संविधान बचाने के नाम पर केंद्र की मोदी सरकार को जमकर घेरा वहीं,

 दिग्विजय आए जनता उठ कर चल दी।

    इस दौरान जब दिग्विजय सिंह का भाषण शुरू हुआ, तो सुनने वाले कांग्रेसी ही गायब हो गए। जिसके बाद.दिग्विजय सिंह गुस्से में आ गए.वो मंच से कहने लगे, "  मंच की लड़ाई खत्म करो, अब मैं नीचे जनता के बीच बैठूंगा, जब बोलने का वक्त आएगा तब बोलूंगा, "

 कई लोग आ जाते है बैठने के लिए, ये गलत है। वहीं बीजेपी कांग्रेस की संविधान बचाओं रैली पर उसे जमकर घेर रही है।

   भले ही विधानसभा में अभी तीन साल का वक्त बचा हो.लेकिन कांग्रेस,फुरसती छड़ों में बीजेपी की केंद्र ओर राज्य सरकार के खिलाफ माहौल बनाने के लिए निकल पड़ी है।       वह अब अपने कैंपन को संविधान बचाओ अभियान का नाम दे रही है। जिसमें प्रदेश स्तर पर रैली, जिला स्तर ओर ब्लॉक स्तर तक जाने का प्लान है। इसी कड़ी में आज ग्वालियर में रैली आयोजित की गयी.


 जीतू पटवारी ने ज्योतिरादित्य सिंधिया को लिया आड़े हाथों।

     संविधान बचाओ रैली में,जीतू पटवारी ने कहा, ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कांग्रेस के विधायकों को दल बदलवाकर एक चुनी हुई कांग्रेस की सरकार को गिरा दिया। ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा था कि वह सड़क पर उतरेंगे, क्योंकि उनका अपमान हो रहा है।  
उन्होंने इसे संविधान पर आघात बताया।
 लोकतंत्र का अपमान बताया।
और आपके दिए हुए वोट को चुनौती दी। 

  अगर यह संविधान खतरे में नहीं था, तो फिर और क्या था?आज वही ज्योतिरादित्य सिंधिया देश में मंत्री बने हुए हैं। 

   कांग्रेस की संविधान बचाओ रैली में पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ को आना था.लेकिन उन्होंने दूरी बना ली। तो वहीं इस रैली में पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह, प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी, पूर्व मंत्री और विधायक जयवर्धन सिंह, पूर्व मंत्री गोविंद सिंह, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अरुण यादव मौजूद रहे। वहीं सुप्रिय सीनेट ने कहा.आज जब संविधान पर हमले हो रहे हैं, तो राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे के नेतृत्व में कांग्रेस इसका सबसे बड़ा संघर्ष कर रही है।

दिग्विजय सिंह राज्य सभा सदस्य 

    देश में गरीबों, दलितों, आदिवासियों और अल्पसंख्यकों पर अत्याचार हो रहा है, जो साफ संकेत है कि संविधान खतरे में है।  वहीं बीजेपी के एससी मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष लाल सिंह आर्य ने भी कांग्रेस की संविधान बचाओ रैली पर उसे जमकर घेरा है। 



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आपको बता दें कि कांग्रेस ने फैसला किया है कि 25 से 30 अप्रैल के बीच पूरे देश में "संविधान बचाओ रैलियां" आयोजित की जाएंगी। मध्यप्रदेश में इस अभियान की शुरुआत आज ग्वालियर से हो गयी है। इसके बाद प्रदेश के सभी जिलों और विधानसभा क्षेत्रों में चरणबद्ध तरीके से रैलियां और जन जागरण अभियान चलाए जाएंगे। बहरहाल देखना होगा.आने वाले वक्त में कांग्रेस को उसकी संविधान बचाओ रैली से कितना लाभ होता है।

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