डॉ बी आर अंबेडकर की जयंती की धूम संपूर्ण विश्व में
सभी राजनीतिक पार्टियों के लोग पहुंचे डॉक्टर अंबेडकर पार्क।
आज संपूर्ण विश्व में भारत रत्न संविधान निर्माता डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की जयंती मनाई जा रही है।
डॉ अंबेडकर की जयंती के अवसर पर विभिन्न राजनीतिक दलों के लोग फूल माला लेकर शहर के प्रमुख अंबेडकर पार्क पहुंचकर बाबा साहब भीमराव अंबेडकर को माल्यार्पण कर जन्मदिन की शुभकामनाएं एक दूसरे को दे रहे हैं।
डॉ बी आर अंबेडकर का जन्म जयंती महोत्सव विश्व के तीसरे नंबर पर मनाया जाता है ।
पहले नंबर पर ईसा मसीह, दूसरे नंबर पर गौतम बुद्ध (बुद्ध पूर्णिमा) और तीसरे नंबर पर डॉक्टर बी आर अंबेडकर के जन्म जयंती समारोह में सर्वाधिक लोग शामिल होते हैं ।
महापुरुषों की बात की जाए तो डॉक्टर बी.आर.अंबेडकर का नाम विश्व की टॉप 10 की सूची में आता है .
कोलंबिया यूनिवर्सिटी से पढ़ाई पूरी करने के बाद डॉक्टर बी आर अंबेडकर भारत पहुंचे, जब भारत का आजादी काल चल रहा था ।
भारत से अंग्रेज विदा हो रहे थे, तत्कालीन समय पर भारत को एक कानूनी पुस्तक की आवश्यकता थी और यह पुस्तक डॉक्टर बी आर अंबेडकर ने संविधान के रूप में लिखकर भारतीय जनता को विधि सम्मत बनाया।
उच्च नीच की खाई को भारत की संविधान में समाप्त कर दिया गया।
एक वोट, एक मूल्य, एक आदमी (one vote,one value,one person) का सिद्धांत लागू किया गया।
राजाओं का राज पाठ समाप्त कर लोकतंत्र की भारत के अंदर नींव रखी गई थी।
भारतीय संविधान विश्व के महानतम संविधान में गिना जाने लगा।
डॉक्टर बी आर अंबेडकर के अथक प्रयास से भारत को ऐसा संविधान मिला जिसमें गरीब अमीर उच्च नीच जातिगत भेदभाव को समाप्त किया गया।
महिलाओं को सम्मान से जीने का अधिकार मिला भारतीय संविधान में हिंदू कोड बिल के माध्यम से महिलाओं को पुरुषों के बराबर भागीदारी दी गई,
तलाक लेने का अधिकार,
संपत्ति का अधिकार,
शिक्षा का अधिकार,
नौकरी का अधिकार,
पदोन्नति का अधिकार,
तमाम तरह के अधिकार भारतीय संविधान में महिलाओं को दिए, वहीं दूसरी तरफ अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति,
पिछड़ा वर्ग के लोग जो नारकीय जीवन जी रहे थे ।
उनके जीवन में भारतीय संविधान लागू होते ही सूर्य की भांति प्रकाश डाला गया। दलितों आदिवासियों के बच्चे आजाद भारत में स्कूल जाने लगे।
पहले उनके बच्चों को स्कूल में प्रवेश नहीं दिया जाता था।
अनुसूचित जाति, जनजाति पिछड़ा वर्ग के लोग भारतीय संविधान लागू होने के बाद डॉक्टर बने,
इंजीनियर बने,
अधिकारी बने,
एमपी बने,
एमएलए बने।
कंटेंट राइटर, हेमन्त सागर




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