AI छीन लेगा 80 प्रतिशत नौकरी, देखते रह जाओगे

 AI छीन लेगा 80% नौकरियाँ, लेकिन टेक्नोलॉजी से भरपूर लोगों के लिए खोल सकता है अपार अवसरों की संभावना– विनोद खोसला

भारतीय-अमेरिकी अरबपति और वेंचर कैपिटलिस्ट विनोद खोसला ने एक दावा करते हुए कहा है कि अगले 3 से 5 वर्षों में AI 80% नौकरियों की जगह ले सकता है।


एक पॉडकास्ट इंटरव्यू में विनोद खोसला बोल रहे थे।

 "जो लोग अपने वर्कप्लेस पर AI का इस्तेमाल नहीं करना जानते, उनकी नौकरी  वे लोग खा जाएंगे जो AI का इस्तेमाल करना जानते हैं। 

क्या है खोसला का विज़न
आने वाले 15 वर्षों में 

जो गुजर चुका है पिछले 50 सालों में उससे भी ज़्यादा बदलाव होंगे

शिक्षा की बात की जाए तो हर टॉपिक पर AI जवाब पलक झपकते हुए दे देता है।

, स्वास्थ्य स्वास्थ्य की बात की जाए तो हर बीमारी का इलाज सलाह क्या खाना है क्या पीना है, सब बता देता है।

कानून 

कानून की जानकारी के लिए पहले लोग बक़ीलों से समय मांगते थे। लेकिन आज दौर बदल चुका है।पलक झपकते ही कुछ भी पूछ लो चाट जीपीटी से तुरंत नैनो सेकंड में जवाब।और वह भी सटीक एक्यूरेट । गलती। की संभावना ही नहीं।

 वित्तीय सेवाएं 

AI की मदद से वित्तीय सेवा भी ली जाने लगी है पहले अकाउंटेंट telly सॉफ्टवेयर सीख कर इतराते थे और उनकी जॉब को भी कोई खा नहीं सकता था।

लेकिन आज हालात परिस्थितियां बहुत बदल चुकीं हैं। और लगभग  मुफ्त हो सकती हैं।

हर गाँव के बच्चे को मिल सकता है AI ट्यूटर

पहले दिल्ली मुंबई में बैठे ट्यूटर को अफोर्ड कर पाना हर बच्चे के बस की बात नहीं थी।

लेकिन आज आप मोबाइल पर उस ट्यूटर की सेवाएं वह भी सस्ती ले रहे हैं।

हर नागरिक को AI डॉक्टर।

आज कहीं भी बैठे डॉक्टर की सुविधा, सलाह AI की मदद से ले सकते हैं।

स्टार्टअप्स को AI 

आज AI की मदद से नए नए स्टार्टअप खुल रहे हैं। 

युवाओं को दी सलाह: विनोद खोसला ने युवाओं को सलाह दी कि 

स्पेशलिस्ट नहीं, जनरलिस्ट बनो तेजी से सीखो, और तकनीकी ज्ञान हासिल करो वर्ना दुनियां से पीछे रह जाओगे।

तेजी से सीखने, AI का उपयोग करने। और खुद को टेक्नोलॉजी में ढालने की क्षमता ही असली ताकत होगी। वर्ना पीछे रह जाओगे। और आत्मग्लानि के भाव से भर जाओगे। वैज्ञानिक बनो, विज्ञान की सोच निर्मित करो।

करियर को एक प्रोफेशन के लिए नहीं, फ्लेक्सिबिलिटी के लिए ऑप्टिमाइज़ करो क्यों कि नई नई टेक्नोलॉजी सीखोगे तभी आगे बढ़ोगे।

सिस्टम में सोचने की आदत, नई सोच। नया पन।नई सुविधाएं। और जिज्ञासा ही सबसे बड़ा स्किल है

विनोद खोसला का कहना है कि AI खतरा नहीं, बल्कि एक अवसरों। नौकरी। रोजगार। बिजनेस। की दुनिया है। – खासकर छोटे शहरों, नई ऊर्जा से ओतप्रोत दिमागों और नई सोच वालों के लिए।

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