PMT फर्जीवाड़ा काण्ड से चारों आरोपी बरी

-ग्वालियर में सीबीआई विशेष कोर्ट ने PMT फर्जीवाड़े से जुड़े मामले में अहम सुनवाई की,कोर्ट ने एक डॉक्टर और तीन दलालो सहित कुल चार आरोपियों को सबूतों के अभाव में बरी किया है।


 दरअसल बीते 5 जुलाई 2009 को आयोजित हुई पीएमटी परीक्षा में सॉल्वर के जरिये परीक्षा पास करने के आरोप में डॉ राहुल शर्मा के खिलाफ FIR दर्ज हुई थी,
    गुमनाम शिकायत पर ग्वालियर के झांसी रोड थाना पुलिस ने यह FIR दर्ज की थी। इस मामले में दलाल सोनू शर्मा संतोष चौरसिया और धर्मेंद्र चंदेल के खिलाफ भी FIR दर्ज की गई थी। 
    इस मामले में पहले सीट फिर सीबीआई ने डॉक्टर राहुल को मुन्ना भाई बताते हुए आरोप लगाया था कि मुन्ना भाई एमबीबीएस फिल्म की तर्ज पर राहुल की जगह किसी सॉल्वर ने पीएमटी में भाग लिया और वह पास हुआ लेकिन सीबीआई कोर्ट ने साक्ष के अभाव में सॉल्वर का पता नहीं लगाने के आधार पर डॉ राहुल शर्मा सहित दलाल सोनू शर्मा संतोष चौरसिया धर्मेंद्र चंदेल को बरी कर दिया गया। 
      इनके बरी होने के पीछे साक्ष्य पर गौर किया जाए तो जांच एजेंसी को सॉल्वर मिला नहीं, पॉलीग्राफ टेस्ट में दलाल आरोपी ने रुपए लेना स्वीकारा पर रुपए बरामद नहीं हुए।
  सीबीआई केस के मुताबिक राहुल शर्मा ने पीएमटी पास करने सोनू शर्मा को 04 लाख दिए जबकि सोनू शर्मा ने पूछताछ में बताया कि उसने धर्मेंद्र चंदेल के माध्यम से एडमिशन कराया धर्मेंद्र चंदेल ने कहा कि 
       उसने संतोष चौरसिया की मदद से राहुल को पीएमटी पास कराई लेकिन पहले SIT और बाद में सीबीआई जांच के दौरान सॉल्वर का पता नहीं लगाया जा सका। यही वजह है कि न्यायालय ने चारों आरोपियों को बरी कर दिया

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